सरकारी दफ़्तरों में फाइलों के बढ़ते ढेर से निपटने के लिए अब एआई आधारित प्रणाली का इस्तेमाल किया जाएगा। पायलट प्रोजेक्ट तीन राज्यों में शुरू किया गया है।
पहले चरण में राजस्व और परिवहन विभाग की फाइलें शामिल की गई हैं। प्रणाली फाइल को पढ़कर उसे सही अधिकारी तक पहुंचाएगी और लंबित मामलों की सूची रोज़ तैयार करेगी।
अधिकारियों का दावा है कि इससे औसत निपटारे का समय लगभग आधा रह जाएगा। निजता को लेकर उठे सवालों पर कहा गया है कि आंकड़े सरकारी सर्वर से बाहर नहीं जाएंगे।