नई शिक्षा नीति के अमल को लेकर हुई उच्चस्तरीय बैठक में बारह राज्यों के शिक्षा सचिव शामिल हुए। बैठक का मुख्य एजेंडा बोर्ड परीक्षाओं का नया ढांचा था।
प्रस्ताव के मुताबिक छात्रों को साल में दो बार बोर्ड परीक्षा देने का विकल्प मिलेगा और बेहतर अंक वाले प्रयास को ही अंतिम माना जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि इससे एक ही परीक्षा का दबाव काफ़ी कम होगा।
राज्यों ने शिक्षक प्रशिक्षण और परीक्षा केंद्रों की संख्या बढ़ाने की मांग भी रखी, जिस पर अगली बैठक में फैसला होगा।